फिर से छाया कोरोना का कहर,स्कूली छात्र व शिक्षक हुए संक्रमित


दिल्ली|
बच्चों में संक्रमण के मामले बढ़ने के चलते अभिभावक चिंता में आ गए हैं। करीब 12 दिन बाद स्कूलों में सीबीएसई की दसवीं व बारहवीं की परीक्षाएं भी शुरू होनी है। ऐसे में अभिभावकों की चिंता ज्यादा बढ़ी हुई है।गाजियाबाद और नोएडा में स्कूली छात्रों व शिक्षकों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद अब दिल्ली के कुछ निजी स्कूलों में भी शिक्षक और छात्रों के संक्रमित होने की खबर है। इसके चलते स्कूल को बंद कर छात्रों को छुट्टी पर भेज दिया गया।

 बच्चों में संक्रमण के मामले बढ़ने के चलते अभिभावक चिंता में आ गए हैं। करीब 12 दिन बाद स्कूलों में सीबीएसई की दसवीं व बारहवीं की परीक्षाएं भी शुरू होनी है। ऐसे में अभिभावकों की चिंता ज्यादा बढ़ी हुई है। एनसीआर के स्कूलों में कोरोना संक्रमण के मामले सामने आने पर दिल्ली के स्कूलों ने सतर्कता बढ़ा दी है। स्कूलों ने हरकत में आते हुए कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराने पर जोर देना शुरू कर दिया है, वहीं अभिभावकों के लिए भी रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं।

दिल्ली के कुछ स्कूलों में संक्रमित हुए शिक्षक तो कहीं छात्र एनसीआर के स्कूलों में कोरोना संक्रमण के मामले सामने आने के बाद अब दिल्ली के स्कूलों में भी केस मिलने लगे हैं। गंगाराम रोड से नामी निजी स्कूल में एक शिक्षक संक्रमित हो गया है। प्रबंधन ने सतर्कता बरतते हुए स्कूल को बंद कर दिया है। स्कूल प्रशासन को मंगलवार को एक शिक्षक के संक्रमित होने की जानकारी मिली थी, इसलिए बुधवार को स्कूल बंद रहा। किसी अन्य शिक्षक व छात्र में संक्रमण का मामला अभी सामने नहीं आया है। स्कूल को अब सोमवार को खोला जाएगा। वहीं, दक्षिणी दिल्ली के एक स्कूल में भी शिक्षक और छात्रों के संक्रमित होने की जानकारी सामने आई। इस स्कूल को भी फिलहाल बंद किया गया है।

स्कूलों की चिंता इसलिए है क्योंकि बड़े बच्चे व शिक्षकों को तो वैक्सीन लगी हुई है लेकिन प्राइमरी कक्षाओं के बच्चों को वैक्सीन नहीं लगी हुई है। मयूर विहार स्थित एएसएन सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्रिंसिपल स्वर्णिमा लूथरा ने बताया कि स्कूल में पहले से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करवाया जा रहा है। बच्चे मास्क लगा कर आते हैं वहीं सामाजिक दूरी का पालन भी करवाया जा रहा है। लेकिन एनसीआर के कोविड मामले सामने आने के बाद सतर्कता को और बढ़ा दिया गया है।

 प्रिंसिपल ने कहा कि हमने कक्षाओं में बच्चों को दुबारा से कोविड-19 के बारे मे समझाना शुरू किया है। अभिभावकों को कहा गया है कि वह जहां भी जाएं वहां  कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें। छोटे बच्चों को वैक्सीन नहीं लगी हुई है इसलिए अभिभावकों की भी जिम्मेदारी है कि वह जहां भी जाए प्रोटोकॉल का पालन करें।

 जब तक स्थिति सुधरती नहीं तब तक जरुरी है कि प्रोटोकॉल का पालन किया जाए। कक्षाओं में कोविड प्रोटोकॉल का अभ्यास कराया जा रहा है। कक्षाओं की शुरूआत कोविड-19 की जानकारी देकर ही की जा रही है। मौसम विहार स्थित डीएवी स्कूल की प्रिंसिपल वंदना कपूर ने कहा कि हम पहले से ही कोविड प्रोटोकॉल का पालन करवा रहे हैं। समय-समय पर स्कूल की ओर से अभिभावको को सर्कुलर भेजे जा रहे हैं। जिसमें उन्हें कहा जा रहा है कि वह कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने पर ध्यान दें।

चार मार्च के बाद दिल्ली में मिले सबसे ज्यादा कोरोना मरीज दिल्ली में कोरोना संक्रमण का प्रसार फिर से बढ़ता दिखाई दे रहा है। राजधानी में बीते चार मार्च के बाद पहली बार सबसे अधिक कोरोना मरीज सामने आए हैं। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि पिछले एक दिन में 299 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। इससे पहले चार मार्च को 300 से अधिक मामले सामने आए थे लेकिन उसके बाद इनकी संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की गई थी।

 विभाग के अनुसार बीते एक दिन में 12022 नमूनों की जांच में 2.49 फीसदी कोरोना संक्रमित मिले हैं। इस दौरान 173 मरीजों को छुट्टी भी दी गई। इसी के साथ ही राजधानी में कोरोना के कुल मामले बढ़कर 18,66,881 हुए जिनमें 18,39,909 मरीज ठीक हुए लेकिन 26158 मरीजों की अब तक संक्रमण से मौत हुई।

 स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बीते एक दिन में कोरोना के सक्रिय मामलों में भी काफी उछाल आया है। इनकी संख्या अब 814 हुई जिनमें 504 मरीज अपने घरों में आइसोलेशन में हैं। वहीं 11 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं अस्पतालों में 32 मरीज कोरोना संदिग्ध हैं। इनके अलावा राजधानी में कंटेनमेंट जोन की संख्या भी 716 पहुंच गई है।